विपक्ष का NEET आंदोलन कभी छात्रों के हित के लिए नहीं था।
20 जुलाई को दिल्ली में हुई हिंसा, छात्र आक्रोश का समाधान खोजने का प्रयास नहीं, बल्कि हताश INDI गठबंधन द्वारा छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की एक सुनियोजित कोशिश थी, ताकि अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर पर्दा डाला जा सके।
उदाहरण देखें:
राजस्थान – RPSC पेपर लीक
पश्चिम बंगाल – SSC भर्ती घोटाला
कर्नाटक – SSLC पेपर लीक
झारखंड – कई परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएँ
इसके विपरीत, केंद्र सरकार ने तत्काल CBI जांच के आदेश दिए, आरोपियों को गिरफ्तार किया और परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए।
यह आंदोलन छात्रों को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि समाधान के बजाय राजनीति करने का प्रयास था।
पूरा सच जानिए।
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