माननीय प्रधानमंत्री श्री
@narendramodi जी ने जल संरक्षण को जनभागीदारी का आंदोलन बनाते हुए देशवासियों से वर्षा की हर बूंद को सहेजने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को धरातल पर साकार करता बगदाना धाम का यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी है।
आश्रम की विशाल छतों और पूरे परिसर में सुव्यवस्थित पाइप नेटवर्क के माध्यम से वर्षा जल को सीधे बोरवेल और कुओं तक पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण किया जा रहा है। वर्षा का पानी व्यर्थ न बहे, बल्कि धरती की कोख में संचित हो—यह व्यवस्था जल संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण है।
पूज्य बापा की पावन भूमि से प्रकृति संरक्षण का यह संदेश प्रधानमंत्री श्री के ‘जल संचय–जन भागीदारी’ के संकल्प को और अधिक सशक्त करता है।
बापा सीताराम।